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असीम अनुकम्पा जीतीं बाज़ी सारी मानव सदा रहूंगा आजीवन आभारी बागवान भरोसा रूप पल अड़चन पूजा हृदय तृष्णा कमल धन धन्य विश्वास न टूटने पाए दरबार स्वामी हिंदी कविता

Hindi सदा कृपा कीन्हीं Poems